पीएम मोदी ने की पढ़ाई, कहा- इससे आदिवासी महिलाओं को रोजगार और हुनर ​​की पहचान मिली | पीएम मोदी ने बुंदू बांस क्लस्टर की तारीफ की, कहा- इससे आदिवासी महिलाओं के कौशल को रोजगार और पहचान मिली

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रांचीएक दिन पहले

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बुंदू बांस क्लस्टर में बांस के सामान बनाए गए।  - दैनिक भास्कर

बुंदू बांस क्लस्टर में बांस के सामान बनाए गए।

बुंदू बांस क्लस्टर का जिक्र रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में बांस से कई खूबसूरत और उपयोगी चीजें बनाई जाती हैं। विशेष रूप से वर्णित क्षेत्रों में बांस के कुशल कलाकार कलाकार हैं। बुंदू बांस क्लस्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां के लोग बांस से खूबसूरत कपड़े और अलंकार की चीजें भी बनाते हैं।

इससे आदिवासी महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है और उनके हुनर ​​की पहचान भी मिल रही है। वास्तव में, यहां शिविका शिल्प कला सहयोगी सहयोगी समिति लिमिटेड के सहयोग से संचालित बांस क्लस्टर में स्थानीय बॉसमहली जाति के कलाकारों द्वारा बांस से नए-नए कूदते हैं।

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साल 2014 से आदिवासी कलाकार बने रहे बांस के सामान

केंद्र की सचिव संतोष आनंद ने बताया कि वर्ष 2014 से स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर बांस के सामानों को बनाने का काम किया जा रहा है। फरवरी 2020 में बांस क्लस्टर का निर्माण शुरू हुआ।

अब इस क्लस्टर के माध्यम से मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार किए जाते हैं। वर्तमान में निकटवर्ती नेटवर्क में भी बिक्री शुरू हुई है। आगे पूरे देश में बिक्री की जाएगी।

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Updated: 27/12/2022 — 09:26
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